मोबाइल एप्पलीकेशन : टिक टॉक पर आयी दूसरी मुसीबत अब पाकिस्तान ने भी किया बैन, जाने क्या है वजह

मोबाइल एप्पलीकेशन : टिक टॉक पर आयी दूसरी मुसीबत अब पाकिस्तान ने भी किया बैन, जाने क्या है वजह-


मोबाइल एप्पलीकेशन :- भारत और अमेरिका के बाद पाकिस्तान ने भी टिक टॉक को अपने देश में बैन कर दिया है। पाकिस्तान ने इस एप्पलीकेशन को बैन करने की वजह अपने देश में अश्लीलता और फूहड़ता फैलाने का आरोप लगाया इसके बाद पाकिस्तान से इसे अपने देश में बैन करने का फैसला लिया। इससे पहले भी पाकिस्तान ने पब्जी ( PUBG ) जैसे गेम को बैन किया था लेकिन बाद में उसे अनबैन  कर दिया।
 बात की जाए पाकिस्तान में टिक टॉक के लोकप्रियता की तो पाकिस्तान में करीब 3 करोड़ 90 लाख लोग टिक टॉक का उपयोग करते हैं। पाकिस्तान में कुछ समय पहले से देश का तीसरा सबसे ज्यादा डाऊनलोड होने वाला एप्पलीकेशन है। सबसे ज्यादा फेसबुक और व्हाट्सएप्प टॉप पर हैं।

पाकिस्तान की न्यूज़ चैनलों का बयान- पाकिस्तान के जियो न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी ने चीनी ऐप टिक टॉक को बैन कर दिया है। जिसकी वजह ये है कि चीनी कंपनी अवैध ऑनलाइन सामग्री के सक्रिय मॉडरेशन के लिए एक प्रभावी तंत्र के विकास के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने में विफल रही।

भारत ने किया सबसे पहले टिक टॉक को बैन- भारत ने लद्दाख में चीन के साथ जारी तनातनी के बीच सरकार ने चीन के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई की थी। 29 जून को भारत में फेमस चीन के 59 एप्पलीकेशन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इनमें टिक टॉक, हेलो, वी चैट, यूसी ब्राउज़र जैसे प्रमुख एप भी शामिल हैं। 

अमेरिका में भी बैन है टिक टॉक- इससे पहले अमेरिका ने 18 सितम्बर को राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वह लोकप्रिय चीनी सोशल मीडिया ऐप टिक टॉक और वी चैट पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। अमेरिका ने कहा था कि वे देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिये पूर्वाग्रही थे। जिसके कारण इसे अमेरिका में भी बैन कर दिया गया।


प्रधानमंत्री इमरान ने क्या कहा – पाकिस्तान की सरकार का कहना है कि देश में लोगों द्वारा इस एप्पलीकेशन की बहुत सारी शिकायत मिल रही थी। इससे पहले भी पाकिस्तान के लाहौर में एक याचिका की गई थी जहाँ टिक टॉक को तुरन्त बैन करने की बात की गई थी। इस याचिका में कहा गया था कि ये एक पोर्नोग्राफी जैसा है जहाँ लोग अश्लील वीडियो को डाल कर शेयर करते हैं। जिससे पाकिस्तान के युवाओं में मानसिक रूप से बीमार कर सकता है।

 

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