क्या सचमुच आत्मा का वजन 21 ग्राम है, जाने पूरी खबर

 क्या सचमुच आत्मा का वजन 21 ग्राम है-


हमारे पुराने जमाने में आत्मा को लेके बहूत सारी कहानियां मौजूद है, जिसमे से एक येकहानी ज्यादा पापुलर है कि आत्मा का वजन 21 ग्राम होता है। पूर्वजो का कहना है कि आत्मा अमर होती है, आत्मा की मृत्यु नहीं होती और न ही कोई आत्मा को मार सकता है, लेकिन हर आत्मा एक शरीर से दूसरे शरीर मे प्रवेश करती है।

कैसे पता हुआ आत्मा का वजन 21 ग्राम है-

कुछ शोधकर्ताओं की माने तो न्यूयॉर्क टाइम की मैक्जिन में छपा था कि 10 अप्रैल 1901 में डॉ.डंकन मैक डॉगल नामक शख्स ने एक अजीब सा प्रयोग किया , इस बात का पता लगाने के लिए की आत्मा का वजन कितना होता है। डॉ. डॉगल ने अपने चार अन्य साथी डॉक्टर्स को इस प्रयोग में शामिल किया था, जिस प्रयोग के लिए चार पुरुष और एक महिला को शामिल किया था जो जल्दी ही मरने वाले थे। मरने से पहले इनको अच्छे से वजन कर लिया गया था।

इसके बाद जब मरीज मर गए तब इनका वजन दोबारा से किया गया, मैक डॉगल की टीम ने पाया कि मरने के बाद शरीर के वजन में कुछ बदलाव आया । उन्होंने देखा कि सभी मरने वालों के वजन थोड़े कम हो गए थे। लेकिन मरने वाले सभी लोगो मे ऐसा बदलाव नही हुआ, लेकिन डॉ.डंकन मैक डॉगल ने कथिक तौर पर कहा कि आत्मा का वजन 21 ग्राम होता है।

कैसे हुआ उनका वजन-  फ़ेयरबैंक्स का एक तराजू.

ये तराज़ू सबसे पहले 1830 में बनाया गया था और इसमें बड़ी चीज़ों का सटीक माप आसानी से लिया जा सकता था ।

उसके बाद डॉ.डंकन मैक डॉगल में फिर प्रयोग किया-

डॉ.डंकन मैक डॉगल ने इस प्रयोग में उतनी तरह सफल न होने के बाद उन्होंने अकेले ही इसका प्रयोग 15 कुत्तों पर भी किया। लेकिन मरने के बाद उनके शरीर के वजन में कोई बदलाव नहीं आया । ऐसे अफल होने के बाद उन्होंने कहा कि आत्मा सिर्फ मनुष्यों के अन्दर होती हैं और इसी के साथ कहा कि आगे भी ऐसी शोध होनी चाहिए।

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